- उ.प्र. में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा [विज्ञप्ति]
- मोदी-शाह-योगी शासन बलात्कार पीड़ितों के लिए आपातकाल [विज्ञप्ति]
- यह अघोषित इमरजेंसी नहीं तो क्या है? [विज्ञप्ति]
- भोजपुर : भाजपा राज-2 में शांतिपूर्ण सभा पर प्रतिबंध की शुरुआत [विज्ञप्ति]
- गहराते आर्थिक संकट और जनता की बढ़ती बदहाली के खिलाफ वाम दलों का अखिल भारतीय प्रतिवाद [विज्ञप्ति]
- उम्भा कांड: योगी का चेहरा उजागर [विज्ञप्ति]
- योगी सरकार में हमले बढ़े [विज्ञप्ति]
- प्रस्तावित नागरिकता संशोधन बिल पर बयान [विज्ञप्ति]
- हम महिलाओं के नाम पर न हो हिरासत में हत्या: ऐपवा [विज्ञप्ति]
- एकजुट हुए छात्र संगठन, बनाया साझा मंच : 8 जनवरी को देशव्यापी छात्र हड़ताल [विज्ञप्ति]
- भाकपा(माले) ने जम्मू बंद का समर्थन किया [विज्ञप्ति]
- उत्तर प्रदेश में दमन और राज्य-आतंक के खिलाफ देशव्यापी विरोध दिवस का आह्वान : 30 दिसम्बर 2019 [विज्ञप्ति]
- अपने वोट और नागरिकता को बचाने के लिए आन्दोलन में उतर जायें [विज्ञप्ति]
- भाकपा(माले) का बयान [विज्ञप्ति]
- ईरान पर अमेरिकी युद्ध का विरोध करो [विज्ञप्ति]
- ऐतिहासिक अखिल भारतीय हड़ताल पर भाकपा-माले ने देश की जनता को बधाई दी [विज्ञप्ति]
- संसद पर हमले और पुलवामा हमले की पुनः जांच हो आतंकी दविंदर सिंह को संरक्षण किसने दिया और क्यों? [विज्ञप्ति]
- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा और – कुलपति को हटाने की जरूरत के बारे में वक्तव्य [विज्ञप्ति]
- यूपी में लोकतांत्रिक अधिकारों पर दमन की भर्त्सना [विज्ञप्ति]
- देश में सीरियल इमरजेंसी, 24 फरवरी को पटना में विधानसभा मार्च [विज्ञप्ति]
- गैंगरेप के दोषियों को फांसी की सजा पर ऐपवा का वक्तव्य [विज्ञप्ति]
- प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र [विज्ञप्ति]
- बोडो समझौता पर भाकपा(माले) का वक्तव्य [विज्ञप्ति]
- बजट 2020-21: आर्थिक संकट से कोई निजात नहीं [विज्ञप्ति]
- चंपारण में भूस्वामियों के पक्ष में लाठी लेकर खड़ी है पुलिस -- माले नेता की पिटाई निंदनीय [विज्ञप्ति]
- जनसंख्या नियंत्रण महिला विरोधी है, प्रजनन-सम्बंधी न्याय नहीं [विज्ञप्ति]
- दिल्ली में भाजपा प्रायोजित हिंसा के प्रतिकार का आह्वान [विज्ञप्ति]
- जंतर मंतर एलान [विज्ञप्ति]
- जन एकता-जन अधिकार अभियान [विज्ञप्ति]
- दिल्ली दंगों के पीड़ितों के राहत व पुनर्वास के लिए योगदान करें ! [विज्ञप्ति]
- मो. शोएब की गिरफ्तारी की निंदा, हाइकोर्ट के फैसले का स्वागत [विज्ञप्ति]
- मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अंतरिम जमानत से इंकार : यह भारतीय लोकतंत्र को एक और बड़ा झटका है [विज्ञप्ति]
- कोरोना वायरस से बचाव और सुरक्षा के उपाय भारत के सबसे गरीब लोगों तक पहुंचने चाहिए [विज्ञप्ति]
- कोरोना मामले में प्रभावी सामाजिक एकजुटता के साथ शारीरिक दूरी की आवश्यकता – दीपंकर भट्टाचार्य [विज्ञप्ति]
- वामपंथी पार्टियों का संयुक्त आह्वान : आधुनिक समावेशी भारत के लिए सीएए-एनपीआर-एनआरसी का विरोध करें [विज्ञप्ति]
- सीएए, एनपीआर और एनआरसी वापस लो! [विज्ञप्ति]
- केंद्र द्वारा कोरोना से मुकाबले के लिए घोषित राहत पैकेज में किसान और ग्रामीण गरीबों की घोर उपेक्षा [विज्ञप्ति]
- कोरोना जनित लाॅक डाउन में केन्द्र-राज्य सरकारों की शिथिलता चिंतनीय - वामदल [विज्ञप्ति]
- 12 घंटे के कार्य दिवस प्रस्ताव पर ऐक्टू का बयान [विज्ञप्ति]
- प्रधानमंत्री को भाकपा(माले) की ओर से दिया गया ज्ञापन [विज्ञप्ति]
- नीतीश कुमार को का. दीपंकर का पत्र: हड़ताली शिक्षकों से बात करें [विज्ञप्ति]
- प्रधानमंत्री को ऐपवा का पत्र : महामारी से बचाव और महिलाओं व बच्चों का अत्याचार व भूखमरी से बचाव एक दूसरे का विरोधी नहीं है [विज्ञप्ति]
- 5 मई 2020 को बिहार में वाम दलों का राज्यव्यापी धरना : पीएम केयर फंड से सभी मजदूरों को घर पहुंचाने की मांग [विज्ञप्ति]
- “प्रतिरक्षा क्षेत्र में अंधाधुंध एफडीआई से भारत की रक्षा क्षमता कमजोर होगी” : भाकपा(माले) ने प्रधान मंत्री और प्रतिरक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी [विज्ञप्ति]
- आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ – माले [विज्ञप्ति]
- वरवर राव को आजाद करो! सभी राजनैतिक कैदियों को रिहा करो! [विज्ञप्ति]
- चुनाव आयोग को बिहार के विपक्षी दलों का संयुक्त ज्ञापन [विज्ञप्ति]
- नई शिक्षा नीति: तालीम को रौंद देने वाला बदलाव [विज्ञप्ति]
- 5 अगस्त को प्रतिवाद दिवस के रूप में मनाएं -- मांग करें कि सरकार धार्मिक आयोजनों से दूर रहे [विज्ञप्ति]
- उत्तर बिहार की लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित, सरकार की व्यवस्था नदारद : तटबंधों के निर्माण में हुआ भारी भ्रष्टाचार [विज्ञप्ति]