वर्ष 29 / अंक 40 / शहीद द्वार का उद्घाटन व श्रद्धांजलि सभा लोकतांत्रि...

शहीद द्वार का उद्घाटन व श्रद्धांजलि सभा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा में भाकपा(माले) हर कुर्बानी देगी

25 सितंबर 2020 को पटना जिला के समकुढ़ा (पुनपुन) में शहीद चंद्रवरदाई दास की 21वीं बरसी पर उनके नाम को समर्पित शहीद गेट का उद्घाटन हुआ. भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता कामरेड अकलू पासवान की अध्यक्षता में हुई स्मृति सभा को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे साथी चंद्रवरदाई दास और अमर मांझी ने लोकतंत्र की रक्षा में शहादत दी. एक बार फिर दिल्ली और पटना की सरकार जिसके मुखिया नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार हैं संविधान पर हमला कर रहे हैं और जनता को जो न्यूनतम लोकतांत्रिक अधिकार मिला हुआ है उसे भी छीन लेना चाहते हैं. आज हमारे बीच चंद्रवरदाई दास और अमर मांझी नहीं है लेकिन लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले इन साथियों की प्रेरणा हमारे बीच मौजूद है. आज हमारे बीच हजारोंझार नौजवान मौजूद हैं जो लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर तरह के कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार महामारी को भी अवसर में बदल देने में मशगूल है. हम कह रहे हैं पहले जान, तब चुनाव. जबकि मोदी-नीतीश कह रहे हैं पहले चुनाव, बाद में जान. हमें इसे याद रखना होगा. मोदी सरकार ने महामारी का बहाना बनाकर पूरे देश पर लाॅकडाउन थोप दिया. काम के अभाव में प्रवासी मजदूर भूखों मरने लगे, बेचैन होकर पैदल ही अपने गांव की ओर चल दिए. लेकिन यहां जो नीतीश सरकार है, कहती है बिहार में आने की जरूरत नहीं है. सब कुछ दिया जाएगा वहीं रुको. प्रवासी मजदूरों-गरीबों से छल करते हुए उन्हें भूखों मारने का काम किया. लेकिन हमारी पार्टी ने प्रवासी मजदूरों के पक्ष में खड़ा होकर उन्हें अपने गांव में लाने का काम किया. दुबारा छल करत हुए सरकार ने कहा कि हम रोजगार देंगे. लेकिन, आज हाथ खड़ी कर रही है. आपदा की इस घड़ी में भी स्थानीय सामंती अपराधियों और पुलिस गरीबों को मारने-पीटने तथा सरकार उनको उजाड़ने का काम कर रही है. पूरा बिहार ऐसे उदाहरणों से भरा हुआ है. सरकार व सामंती ताकतों के हमलों का भी हमने डटकर मुकाबला किया. मोदी-नीतीश गरीबों के शिक्षा अधिकार पर भी हमला कर रहे हैं. सरकार कह रही है कि स्कूल नहीं खुलेंगे. फेसबुक और सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चे पढ़ सकें. का. दीपंकर ने कहा कि चुनाव में वोट देने का समय कम रह गया है. पटना और दिल्ली की सरकार हर मामले में विफल रही है. अब बदला लेने का समय आ गया है.

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी हर हाल में एनडीए को सत्ता से हटाना चाहती है. इसी सोच के साथ हमने पूरे बिहार में तमाम विपक्षी ताकतों का एकताबद्ध करते हुए इस चुनौती को स्वीकार किया है. लेकिन यह चुनौती तभी पूरी होगी जब हमें, हमारे शहीद साथियों और गरीबों को, मान-सम्मान मिले. मान-सम्मान के साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे.

सभा को भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य का. अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य कागोपाल रविदास, मुखिया का. जयप्रकाश पासवान समेत कई नेताओं ने संबोधित किया. सभा से पहले शहीद का. चंद्रवरदाई दास और अमर मांझी की याद में 2 मिनट का मौन रखा गया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में सैकड़ों पार्टी नेता-कार्यकर्ता और भारी संख्या में लोग शामिल हुए.

27 September, 2020