गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब अंबेडकर के खिलाफ संसद (राज्यसभा) में दिए गए अपमानजनक वक्तव्य के खिलाफ भाकपा(माल) आहूत राज्यव्यापी विरोध सप्ताह (21 से 27 दिसंबर तक) के तहत उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक धरना, प्रदर्शन व मार्च निकाल कर अमित शाह के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा और मोदी सरकार से राष्ट्र से माफी मांगने की मांग की गयी.
21 दिसंबर 2024 को भाकपा(माले) की बलिया जिला कमेटी की ओर से बलिया अवस्थित अम्बेडकर संस्थान पर धरना दिया गया. धरना के बाद गृहमंत्री अमित शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया गया.
उसी दिन सीतापुर जिले की पार्टी शाखाओं - हरगांव ब्लाक के रिक्खी पुरवा. गुरधपा और महोली ब्लाक के कोलहौरा में कार्यक्रम आयोजित किये गए. रिक्खीपुरवा में अर्जुन लाल ने कार्यक्रम को संबोधित किया. गुरधपा मे रामसनेही वर्मा के नेतृत्व मे दर्जनां लोगों ने अंबेडकर प्रतिमा पर इकट्ठा होकर अमित शाह को बर्खास्त करने की मांग की. सेमरी मोतिमदपुर मे जगजीवन भारती तथा कोल्हौरा मै रामसेवक के नेतृत्व मे बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया गया.
गोरखपुर के सीकरी गंज में ‘संविधान जिंदाबाद’ का नारा लगाते हुए भाकपा(माले) व इनौस के कार्यकर्ताओं ने धनघट्टा मोड़ से जुलूस निकाला जो बेलघाट मोड़ तक गया. जुलूस का नेतृत्व भाकपा(माले) के जिला सचिव राकेश सिंह, जिला कमेटी सदस्य श्यामचरण, इनौस के प्रखंड अध्यक्ष अभिषेक राणा व सचिव नीरज कुमार ने किया. बाद में हुई सभा को संबोधित करते भाकपा(माले) जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि देश की जनता भाजपा नेआओं द्वारा अंबेडकर के प्रति उगली जा रही नफरत को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगा.
‘बाबा साहब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’. ‘मोदी सरकार माफी मांगो’, ‘संविधान पर हमला और अंबेडकर की विरासत का अपमान करने वाले अमित शाह इस्तीफा दो’. आदि के नारों के साथ चंदौली जिले के चकिया ब्लॉक के भभुआर गांव से उतरौत बाजार तक मार्च निकाल कर राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया.
अगले दिन 22 दिसंबर को पीलीभीत जिले के बरखेड़ा बलॉक अंतर्गत सुहास ग्राम में भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर की तस्वीर हाथें में लेकर प्रदर्शन किया और अमित शाह के इस्तीफे की मांग की.
उसी दिन लखनऊ के काशीराम कालोनी, दरोगाखेड़ा कालोनी, कानपुर रोड से होते हुए दरोगाखेड़ा गांव में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तक मार्च किया गया. वहां ओमप्रकाश राज के संचालन में हुई सभा को मीना, सागर, आरबी सिंह, राजेश अम्बेडकर समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया. 24 दिसंबर 2024 को बस्ती के ग्राम परासडीह व रेहरवा गौर में सभा आयोजित कर गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दो का नारा लगाया गया. का. राजकुमार की अध्यक्षता में हुई सभा में जिला प्रभारी रामलौट व अन्य नेआओं समेत गांव के कई कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल हुए.
झारखंड के को गढ़वा में प्रखंड कार्यालय से रंका मोड़ घंटाघर तक प्रतिवाद मार्च निकला गया और नुक्कड़ सभा कर अमित शाह का पुतला दहन किया गया.
कार्यक्रम को भाकपा(माले) जिला सचिव कालीचरण मेहता ने संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर को अपमानित करनेवाले गुहमंत्री अमित साह से इस्तीफे की मांग की. राज्य कमिटी सदस्य सुषमा मेहता, अनीता तिवारी, वीरेंद्र चौधरी, अख्तर अंसारी, सुरेश चौधरी, लालमुनि गुप्ता, कामेश्वर विश्वकर्मा, दिलीप गुप्ता, कृष्णा मेहता, संगीता देवी, आफताब खान इत्यादि लोग शामिल थे.
उसी दिन रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भाकपा(माले) ने अमित शाह का पुतला दहन कर बाबा साहेब अंबेडकर का सदन में किए गए अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में पार्टी केंद्रीय कमेटी के सदस्य शुभेंदु सेन, राज्य कमेटी सदस्य मोहन दत्ता के साथ ही समर सिन्हा, जगन्नाथ उरांव, मेवा लकड़ा, शांति सेन, गीता तिर्की, सपना, सुषमा व नंदिता भट्टाचार्य सहित कई लोग मौजूद थे.
धनबाद जिले के बलियापुर चौक पर भी भाकपा(माले) दारा गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया गया. 22 दिसंबर को भाकपा(माले) की गोविन्दपुर प्रखंड अन्तर्गत रतनपुर चौक पर प्रतिवाद कार्यक्रम करते हुए अमित शाह का पुतला दहन किया गया. इसके पूर्व प्रखंड मुख्यालय से रतनपुर चौक तक प्रतिवाद मार्च किया गया. प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता जिला सह सचिव कार्तिक प्रसाद ने की. कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता सारथी मंडल व चंद्र महतो (मुखिया) समेत अन्य लोग मौजूद थे.
बोकारों के चंदनकियारी में सुभाष चौक पर इंडिया गठबंधन के दलों - भाकपा(माले), झामुमो व कांग्रेस के द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर का अपमान करने के खिलाफ रोशपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका गया. कार्यक्रम में दर्जनों नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित थे.
कतरास में भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो के नेतृत्व में विरोध मार्च निकालकर गुहीबांध बस स्टैंड स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए ‘बाबा साहेब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ का नारा लगाया गया. 22 दिसंबर को ही भाकपा(माले) के नेतृत्त्व में इंडिया गठबंधन की ओर से चिरकुंडा चौक पर अमित साह का पुतला दहन कर उनके बर्खास्तगी की मांग की गई.
25 दिसंबर 2024 को रांची के अंबेडकर चौक में भाकपा(माले) और माकपा कार्यकर्ताओं ने सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर मनुस्मृति की प्रतियां जलाईं और और अमित शाह का पुतला दहन कर उनके द्वारा बाबा साहेब के अपमान पर विरोध जताया और इस्तीफे की मांग की,
23 दिसम्बर 2024 को बिहार के गया जिले के टिकारी में अंदर किला से मुख्य बाजार होते हुए बेल्हड़िया मोड़ तक आक्रोश मार्च निकाला गया. मार्च का नेतृत्व रवि कुमार, रोहन यादव, रामजी दास, आलोक कुमार, अशोक कुशवाहा, संजय मांझी समेत अन्य नेताओं ने किया.



