वर्ष 32 / अंक-36 / का. शकील राना को लाल सलाम!

का. शकील राना को लाल सलाम!

1 सितंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में पार्टी नेता कामरेड शकील राना का असामयिक निधन हो गया. कामरेड शकील राना मशहूर शायर मुनव्वर राना के छोटे भाई भी थे. कलकत्ते रहने के दौरान लगभग तीस साल पहले वे माकपा के साथ जुडे़ थे. एक लम्बा अर्सा वहां गजारने के बाद जब वे रायबरेली वापस लौअे तो वे 2017 मे भाकपा(माले) में जुड़ गये और 2021में हुऐ स्थापना जिला सम्मेलन में ही वे पार्टी जिला कमेटी में चुन लिये गये.

कामरेड शकील राना बेहद खुशमिजाज थे. उनको शुगर, बीपी व अन्य कई तरह की बीमारियां थीं और गर्दे मे भी परेशानी थी. इस वजह से उन्हें अक्सरहां हास्पिटल मे भर्ती होना पडता था. उनके पास जो कुछ भी था, वह सब कुछ भाकपा(माले) के लिए समर्पित रहा. दो वर्ष तक उनके व्यवसायिक प्रतिष्ठान को पार्टी के कार्यालय और सभागार के रूप में प्रयोग किया गया. कहीं भी आना-जाना हो बस उन्हे सूचित करने भर की देर थी, वे अपनी गाड़ी लिए हाजिर  रहते थे. हर आयोजन में प्रमुख प्रबंधक की भूमिका में और जोखिम के किसी पल में वे सबसे आगे की पांत में खड़े रहे. अथाह ऊर्जा से भरे हुए शकील बहुत निराशा में भी सब को उत्साह से भर देने वाले साथी थे. सभी साथियों से उनका व्यक्तिगत अनुराग, सबका ख्याल रखना और कार्यक्रमों में सबसे पहले पहुंचकर आखिरी समय तक डटे रहना – उनका सबके बीच में एक संरक्षक के होने का एहसास था. कामरेड राना को लाल सलाम!

06 September, 2023