
लखनऊ, 25 दिसंबर. 2024 : भाकपा(माले) ने पीलीभीत एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि पुलिस के दावे और मृतकों के परिजनों के कथन में काफी विरोधाभास होने से पीलीभीत मुठभेड़ संदेहास्पद हो गया है, लिहाजा जांच जरुरी है.
भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने बयान जारी कर कहा कि मृतकों में दो युवा मजदूर परिवार के हैं और उनकी उम्र 18 व 25 वर्ष है. दोनों के परिजनों ने उनके आतंकी होने से इनकार किया है. 18 साल का जशनप्रीत सिंह ट्रक मजदूर था और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था. 25 साल का गुरविंदर सिंह भी गरीब परिवार से था. उस पर एक मुकदमा था और परिजनों के मुताबिक उसे उस मुकदमे में फंसाया गया था. मुठभेड़ से पहले दोनों के अचानक पीलीभीत में होने पर भी परिजनों को हैरत है. खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ा आतंकी होने के पुलिस के आरोप से वे असहमत हैं. इन परिस्थितियों में पीलीभीत मुठभेड़ के फर्जी होने को लेकर आशंकाएं प्रबल हैं. मुठभेड़ की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होने से ही सच्चाई सामने आएगी.